कोटा में राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.19 लाख प्रकरणों का निस्तारण, 29 करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि पर हुआ समझौता!

राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामे से खत्म हुए हजारों विवाद, मोटर दुर्घटना के मामलों में पीड़ितों को मिली राहत…

कोटा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला एवं सेशन न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोटा के अध्यक्ष हेमराज गौड़ के मार्गदर्शन में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय कोटा के न्यायालयों एवं एडीआर सेंटर सहित रामगंजमंडी, दीगोद, इटावा, कनवास और सांगोद में आयोजित लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर कुल 2,19,262 प्रकरणों का निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबित न्यायालयीन मामलों के साथ प्री-लिटिगेशन प्रकरण भी रखे गए। इनमें राजस्व एवं उपभोक्ता विवाद, चेक अनादरण, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद, बिजली-पानी एवं बीएसएनएल के बकाया बिल, भूमि अधिग्रहण और अन्य राजीनामा योग्य मामलों का निस्तारण किया गया।

17 बेंचों के माध्यम से हुआ निस्तारण

लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए कोटा मुख्यालय पर 11 बेंचों का गठन किया गया, जबकि तालुका स्तर पर छह बेंचों के माध्यम से मामलों की सुनवाई की गई। रामगंजमंडी में दो तथा दीगोद, इटावा, कनवास और सांगोद में एक-एक बेंच गठित की गई।

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कोटा जिले में न्यायालयों में लंबित 59,750 प्रकरणों तथा राजस्व मामलों सहित प्री-लिटिगेशन के 1,59,512 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार कुल 2,19,262 मामलों में पक्षकारों को आपसी समझाइश एवं सहमति से विवादों के समाधान का अवसर मिला।

मोटर दुर्घटना के पीड़ितों को मिली बड़ी राहत

राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण क्रमांक-1, कोटा में समझौते के लिए 95 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 43 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में पीड़ितों एवं संबंधित पक्षकारों के बीच राजीनामे के आधार पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 75 हजार रुपये की मुआवजा राशि दिलाई गई।

एक मामले में सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति और नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के बीच समझाइश के बाद 2 लाख 25 हजार रुपये में समझौता हुआ। वहीं, 5 मई 2025 को सड़क दुर्घटना में एक व्यक्ति की मृत्यु के मामले में मृतक के आश्रितों और बीमा कंपनी के बीच 12 लाख 50 हजार रुपये में राजीनामा हुआ। इससे मृतक के परिजनों का दुर्घटना दावा प्रकरण अंतिम रूप से निस्तारित हो गया।

अधिकरण क्रमांक-2 में 22 मामलों का निस्तारण

मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण क्रमांक-2, कोटा में समझौते के लिए कुल 73 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 22 मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल 1 करोड़ 72 लाख 43 हजार रुपये की मुआवजा राशि पर समझौता हुआ।

एक महत्वपूर्ण मामले में 2 जून 2022 को सड़क दुर्घटना में घायल हुए व्यक्ति और संबंधित बीमा कंपनी के बीच प्री-काउंसलिंग एवं आपसी समझाइश के बाद 20 लाख रुपये में राजीनामा हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से इस दुर्घटना दावा प्रकरण का भी अंतिम निस्तारण किया गया।

डेढ़ माह से चल रही थी तैयारी

राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए आयोजन से लगभग डेढ़ माह पहले से ही न्यायिक अधिकारियों एवं कोटा बार के अधिवक्ताओं ने प्रयास शुरू कर दिए थे। बैंक ऋण वसूली, बिजली विभाग, बीएसएनएल सहित अन्य प्री-लिटिगेशन मामलों में संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी किए गए। एडीआर सेंटर में पैनल अधिवक्ताओं ने नियमित प्री-काउंसलिंग कर पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद सुलझाने के लिए प्रेरित किया।

लोक अदालत की विभिन्न बेंचों के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने पक्षकारों के बीच संवाद और समझाइश के माध्यम से मामलों के निस्तारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राष्ट्रीय लोक अदालत के जरिए बड़ी संख्या में विवादों का समाधान होने से पक्षकारों को लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिली और आपसी सहमति से विवादों को समाप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ।

प्रकाशन से पहले एक जरूरी तथ्य-जांच: दोनों मोटर दुर्घटना दावा अधिकरणों में बताई गई मुआवजा राशि का कुल योग ₹2,92,18,000 (2 करोड़ 92 लाख 18 हजार रुपये) है, इसलिए शीर्षक में मैंने 29 करोड़ के बजाय सही गणना के अनुसार लगभग 2.92 करोड़ रुपये होना चाहिए। शीर्षक का सही रूप होगा:

कोटा में राष्ट्रीय लोक अदालत में 2.19 लाख प्रकरणों का निस्तारण, दुर्घटना पीड़ितों को मिले 2.92 करोड़ रुपये

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