(जयपुर,26 मार्च 2026 )
जयपुर: मध्य पूर्व में बने युद्ध और तनावपूर्ण हालातों के बीच मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सर्वदलीय बैठक बुलाई. गुरुवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई इस बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर स्थिति से निपटने की अपील की. बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थिति न तो केंद्र सरकार, न राज्य सरकार और न ही किसी राजनीतिक दल द्वारा उत्पन्न की गई है, बल्कि यह व्यापक वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम है. सरकार हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है और विपक्ष का सकारात्मक सहयोग चाहिए. उधर, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि इस वैश्विक संकट में विपक्ष सरकार के साथ है। साथ ही विपक्ष ने सरकार को अपनी ओर से कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए.
घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत:
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य में आवश्यक वस्तुओं का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सरकार पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. उन्होंने बताया कि सभी जिला कलेक्टरों को सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए जा चुके हैं, ताकि किसी भी प्रकार की कमी या अव्यवस्था न हो. सीएम ने जनता से अपील की कि घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह समय सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का है. सरकार के साथ-साथ हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह सहयोग करे और अफवाहों से बचे. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अवैध भंडारण और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सरकार जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान भी चला रही है.
संकट की घड़ी में कांग्रेस पार्टी जनता और सरकार के साथ:
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के सामने कई अहम मांगें और सुझाव रखे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति में विपक्ष पूरी तरह सरकार के साथ खड़ा है और किसी भी आपदा से निपटने में पूरा सहयोग करेगा. जूली ने विशेष रूप से मांग की कि तेल और गैस की कीमतों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की जानी चाहिए, ताकि महंगाई पर नियंत्रण बना रहे. उन्होंने कहा कि संकट के समय आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं होगा. बैठक में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति को लेकर विस्तृत चर्चा हुई. शादी समारोहों में गैस सिलेंडर की उपलब्धता, हॉस्टलों में भोजन व्यवस्था, होटल-रेस्तरां संचालन तथा उद्योगों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों पर सुझाव दिए गए. नेता प्रतिपक्ष ने वैकल्पिक संसाधनों पर जोर देते हुए लकड़ी, कोयला और इंडक्शन जैसे विकल्पों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की बात रखी. साथ ही उन्होंने सरकार से अपील की कि वास्तविक स्थिति को पारदर्शी तरीके से जनता के सामने रखा जाए और उपलब्ध सप्लाई तथा वास्तविक डिमांड की जानकारी साझा की जाए. टोल-फ्री नंबरों को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर नागरिक आसानी से सहायता प्राप्त कर सकें.
मौजूद प्रमुख नेता:
बैठक में भाजपा विधायक श्रीचंद्र कृपलानी ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए धन्यवाद. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सुझाव दिए हैं और सभी ने मिलकर यह निर्णय लिया है कि राजस्थान में फिलहाल कोई पैनिक नहीं है, लेकिन ऐसी स्थिति आने पर सब मिलकर संकट का मुकाबला करेंगे. विधायक रामकेश मीणा, राजेंद्र पारीक, श्रीचंद्र कृपलानी, सुभाष गर्ग, मनोज नयांगली और अशोक कोठारी ने भी महत्वपूर्ण सुझाव रखे, वहीं जोगाराम पटेल, थावरचंद और जोगेश्वर गर्ग वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए।


