Ballia News: शामिया खातून ने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति पदक (Chancellor Medal) जीतकर न केवल विश्वविद्यालय की टॉप रैंक हासिल की, बल्कि पूरे बलिया का नाम रोशन कर दिया. खुद कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने हाथों से शामिया को गोल्ड और कुलाधिपति पदक देकर उज्जवल भविष्य की कामना की.
बलिया: “ताने मिले मगर उसने उन्हें तालियों में बदल दिया, हर हार को उसने अपनी जीत का अध्याय बना लिया… “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती”… इस पंक्ति को अगर किसी ने सच में जी लिया तो वह है बलिया जिले के रसड़ा कस्बे की रहने वाली शामिया खातून. जिन्होंने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के सप्तम दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति पदक (Chancellor Medal) जीतकर न केवल विश्वविद्यालय की टॉप रैंक हासिल की, बल्कि पूरे बलिया का नाम रोशन कर दिया. वैसे 43 गोल्ड मेडल बच्चों को दिया गया. लेकिन विश्वविद्यालय से मिलने वाला सबसे बड़ा पदक बलिया की बेटी ने आखिरकार अपने नाम कर लिया.
रसड़ा निवासी शामिया खातून ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में रहकर पूरी की और स्नातक की पढ़ाई श्रीमती फुलेहरा स्मारक महिला महाविद्यालय कमतैला, रसड़ा से की. दसवीं के बाद शामिया विज्ञान से पढ़ाई करना चाहती थी. लेकिन अचानक तबीयत बिगड़ गई और स्वास्थ्य समस्याओं के चलते उन्हें अपना विषय बदलना पड़ा और उन्होंने आर्ट्स विषय का चयन किया. कई लोगों ने ताने दिए कि, “तुमसे ये नहीं होगा”, लेकिन शामिया ने हार नहीं मानी, उन्होंने इन तानों को प्रेरणा बना लिया और उर्दू में ऐसा मन लगाया कि इतिहास रच दिया. खुद कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपने हाथों से शामिया को गोल्ड और कुलाधिपति पदक देकर उज्जवल भविष्य की कामना की.
शामिया ने BA में कोचिंग का सहारा लिया, लेकिन MA की पढ़ाई सिर्फ YouTube और सेल्फ स्टडी से की और यूनिवर्सिटी में न केवल टॉप कर दिखाया, बल्कि सबसे ज्यादा अंक भी हासिल की. शामिया के पिता रूई से रजाई-गद्दा बनाने का काम करते हैं, मां एक गृहिणी हैं. बड़ा भाई प्राइवेट नौकरी करता है, छोटी बहन की शादी हो चुकी है और छोटा भाई NCC की तैयारी कर रहा है. शामिया खातून का सपना है कि वे प्रोफेसर बनें और आगे आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित करें. कहा कि इस सफलता में उनकी मां का सबसे बड़ा योगदान है, जिन्होंने हर कदम पर उन्हें संभाला और पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया है.
