Mumbai News Hindi : भारत में बच्चों के बीच अब एक नया खेल लोकप्रिय हो रहा है – हुला हूप. मुंबई की शिवानी धोपावकर ने इस अनोखे खेल को न सिर्फ भारत में पहचान दिलाई, बल्कि अपने हुनर से देश-विदेश में नाम कमाया. पांच साल की उम्र में शुरू किया गया यह सफर आज हजारों बच्चों के लिए प्रेरणा बन चुका है.
हमारे देश में बच्चो के मनोरंजन के लिए कई खेल खेलाए जाते हैं. जिसमें क्रिकेट, बैडमिंटन और फुटबॉल जेसे खेल शामिल हैं. भारत में इन दिनों बच्चों द्वारा खेले जाने वाला एक और खेल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसका नाम हुला हूप है. यह खेल अकेले खेला जा सकता है. इसमें किसी साथी की जरूरत नहीं होती. इस खेल के बारे में भारत में लोगों को ज्यादा पता नहीं है. मुंबई की रहने वाली एक लड़की जिसका नाम शिवानी धोपावकर है. जिसने पूरे मुंबई में इस एंटरटेनमेंट वाले खेल को मशहूर बना दिया है. साथ ही देश और विदेश जा कर हुला हूप का कार्यक्रम कर रही है.
Local 18 से बात करते हुए शिवानी धोपावकर बताती हैं कि जब वे पांच साल की थी तभी से वे हुला हूप कर रही हैं. जब अधिकतर लोगों को इसके बारे में पता तक नहीं था. हुला हूप रिंग इन्हें अपने जन्मदिन पर गिफ्ट में मिला था. बचपन से है स्कूल में हुला हूप से कई तरह के करतब दिखाया करती थी. इन्हीं अब तक कई टीवी प्रोग्राम जैसे सा रे गा मा पा और ज़ी तेलगू पर आने वाले प्रोग्राम में पूरे देश के सामने अपना हुनर दिखा चुकी है. अब तक इन्होंने 1000 से भी अधिक बच्चों को हुला हूप सिखाया है. आम तौर पर लोग कमर से रिंग को घुमाते है पर शिवानी नाक, हाथ, गर्दन और पैर से भी रिंग को घुमाने में सक्षम हैं. सोशल मीडिया पर इनका यह गजब का टैलेंट देखने के बाद इन्हें देश भर से परफॉरम करने के लिए ऑफर आता है.
हुला हूप से लिया मुंबई में खुद का घर
शिवानी धोपावकर बताती हैं कि पहली बार लोगों के बीच, त्योहारों के समय जा कर भारी भीड़ में अपना हुनर दिखाती थी. गणपति और गुडी पड़वा जैसे मौको पर अपने हुनर को लोगो तक पहुंचती थी. इनका सपना मुंबई में एक घर लेने का था, 2025 में इन्होंने हुला हूप क्लास और अपने टैलेंट से मुंबई में खुद का घर लिया. हुला हूप लड़का या लड़की का खेल नहीं यह एक ऐसा चीज है जिसे दोनों ही जेंडर के लोग कर सकते हैं.
