नवरात्र के उपलक्ष पर भारतवर्ष में जगह-जगह माता जी हनुमान जी के थानको पर जागरण, रामायण, रामलीला, कन्या पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
इसी कड़ी मे बड़ा नया गांव क्षेत्र के कुमावतों की झोपड़ियों में स्थित ढूंढा के बालाजी मंदिर परिसर मे चल रही 9 दिवसीय श्री रामायण पाठ का समापन शनिवार को हवन-यज्ञ के साथ अत्यंत श्रद्धा और उल्लास के बीच संपन्न हुआ। यह धार्मिक आयोजन भक्तों के बीच भगवान श्री राम के जीवन आदर्शों को जीवंत करने का माध्यम बना।
नव दिवसीय पाठ का शुभारंभ भक्ति भजनों और रामकथा से हुआ था। अंतिम दिन हवन-यज्ञ में आचार्य हरिप्रसाद शर्मा जी के नेतृत्व में सभी मंत्रों का सस्वर जाप किया गया। यज्ञ की पवित्र ज्वालाओं में आहुतियां डालते हुए भक्तों ने राम राज्य की कामना की।अपने भावपूर्ण प्रवचन में आचार्य जी ने कहा, “भगवान श्री राम के जीवन से हमें मर्यादा, सत्य और धर्म का पाठ मिलता है। आज के कलयुग में भी हमें उनके आदर्शों को अपनाकर जीवन जिएं।” उनका संदेश उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय में उतर गया।इस पावन अवसर पर जगदीश कुमावत, देवराज कुमावत, राधेश्याम कुमावत, भागचंद कुमावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण भक्त उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि यह आयोजित होता है, जो समुदाय में एकता और भक्ति का प्रतीक बनता है।
